IASControversy– मध्य प्रदेश में IAS अधिकारी संतोष वर्मा अपने एक विवादित बयान को लेकर चर्चा में हैं। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में संतोष वर्मा ब्राह्मण समाज की बेटियों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करते दिख रहे हैं। बयान में उन्होंने कहा— “जब तक मेरे बेटे को कोई ब्राह्मण अपनी बेटी दान नहीं देता या उससे संबंध नहीं बनता, तब तक आरक्षण जारी रहना चाहिए।”इस बयान के सामने आते ही राज्यभर में बवाल खड़ा हो गया है।

IAS संतोष वर्मा की यह टिप्पणी न केवल ब्राह्मण समाज के लोगों को आहत कर रही है, बल्कि इसे जातिगत भेदभाव और निजी आचरण पर असंवेदनशील बयान के रूप में देखा जा रहा है। कई ब्राह्मण संगठनों ने इस टिप्पणी की कड़ी आलोचना की है और सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
सोशल मीडिया पर भी इस बयान के खिलाफ भारी विरोध देखने को मिल रहा है। ट्विटर, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर यूजर्स IAS अधिकारी के निलंबन और जांच की मांग कर रहे हैं। कई लोगों का कहना है कि एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी से ऐसी भाषा की उम्मीद नहीं की जा सकती।राजनीतिक दलों ने भी इस मुद्दे को उठाना शुरू कर दिया है। विपक्ष ने इसे सरकार की ‘प्रशासनिक विफलता’ बताया है और कहा है कि ऐसे बयान समाज में जातिगत तनाव को बढ़ावा देते हैं। वहीं कुछ नेताओं ने इसे “अत्यंत शर्मनाक और निंदनीय” करार दिया है।
ब्राह्मण संगठनों का कहना है कि यह बयान केवल एक समुदाय को ही नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान को भी ठेस पहुंचाता है। संगठन ने मांग की है कि मामले की उच्च स्तरीय जांच कर तुरंत कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई अधिकारी ऐसी टिप्पणी करने का साहस न करे।इस पूरे विवाद पर अभी तक सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और जल्द ही कदम उठाए जा सकते हैं।यह विवाद आने वाले दिनों में और गहरा सकता है, क्योंकि समाजिक और राजनीतिक स्तर पर इस बयान के खिलाफ विरोध लगातार बढ़ रहा है।
