हिला के पेट से 13.5 किलो का विशाल ट्यूमर निकालकर डॉक्टरों ने बचाई जान, फर्रुखाबाद जिला अस्पताल में बड़ी सफलता

हिला के पेट से 13.5 किलो का विशाल ट्यूमर निकालकर डॉक्टरों ने बचाई जान, फर्रुखाबाद जिला अस्पताल में बड़ी सफलता

फर्रुखाबाद। जिला अस्पताल लोहिया में डॉक्टरों की टीम ने एक असाधारण और हाई-रिस्क सर्जरी कर चिकित्सा इतिहास में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।

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अस्पताल की सर्जिकल टीम ने 45 वर्षीय महिला पूजा के पेट से 13.5 किलो वजनी विशाल ट्यूमर निकालकर उनकी जान बचा ली। यह जटिल सर्जरी मेजर डॉ. रोहित तिवारी और उनकी मेडिकल टीम की विशेषज्ञता के चलते सफल हो पाई।

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कई महीनों से पीड़ित पूजा के पेट में लगातार सूजन बढ़ रही थी। ट्यूमर इतना बड़ा हो चुका था कि आंतों और मूत्राशय पर दबाव बढ़ने लगा था। मरीज को तेज दर्द, पेशाब रुकना, भूख की कमी और चलने-फिरने में भारी परेशानी होती थी। जांच में पता चला कि पेट में 13.5 किलो का खतरनाक ट्यूमर मौजूद है, जिसे हटाए बिना मरीज की जान को गंभीर खतरा था।

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निजी अस्पतालों ने इस सर्जरी में 5 लाख रुपये से अधिक खर्च बताया। इसके बाद मामला जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज, कानपुर पहुँचा, जहां से पूजा को एम्स दिल्ली रिफर कर दिया गया। एम्स ने सर्जरी की तारीख 2 साल बाद की दी, लेकिन तब तक मरीज की हालत इतनी बिगड़ चुकी थी कि इंतजार करना संभव नहीं था।गंभीर स्थिति को देखते हुए फर्रुखाबाद जिला अस्पताल की टीम ने तुरंत सर्जरी का निर्णय लिया।

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यह प्रक्रिया किसी बड़े सुपर-स्पेशलिटी अस्पताल के लिए भी चुनौतीपूर्ण मानी जाती है। लगभग कई घंटे चली इस जोखिमपूर्ण सर्जरी में पूरा ट्यूमर सुरक्षित रूप से हटा दिया गया। मूत्राशय की रुकावट दूर हुई और आंतों पर पड़ रहा दबाव खत्म हो गया। ऑपरेशन के बाद मरीज की हालत अब स्थिर बताई जा रही है।सफल सर्जरी करने वाली टीम में मेजर डॉ. रोहित तिवारी (सर्जन)डॉ. अमिताभ (एनेस्थीसिया)डॉ. जगमोहन (डायग्नोसिस व ब्लड सपोर्ट)नर्सिंग स्टाफ अनीता, लालजी और रेनू शामिल रहे।फर्रुखाबाद जैसे जिला अस्पताल में इतनी बड़ी सर्जरी का सफल होना चिकित्सा सेवाओं के लिए एक गर्व का विषय है। अस्पताल प्रशासन ने भी टीम की इस उपलब्धि की सराहना की है।

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