दिल्ली ब्लास्ट मामले में जांच लगातार आगे बढ़ रही है और इस दौरान देश की सर्वोच्च जांच एजेंसी NIA को एक बड़ा नेटवर्क हाथ लगा है। जांच में सामने आया है कि ब्लास्ट से जुड़ा हुआ एक संगठित ‘डॉक्टरों का टेरर नेटवर्क’ छह राज्यों तक फैला हुआ है। इसके बाद NIA ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है और बुधवार से कई राज्यों में एक साथ छापेमारी जारी है।

सूत्रों के अनुसार, NIA की टीमें दिल्ली, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और मध्य प्रदेश में समन्वित कार्रवाई कर रही हैं। अब तक कई महत्वपूर्ण स्थानों पर दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस और संदिग्ध संपर्कों का रिकॉर्ड बरामद हुआ है। इस नेटवर्क के पीछे किस तरह की साजिश थी, इसकी परतें अब खुलने लगी हैं।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस नेटवर्क में शामिल कई आरोपी डॉक्टर हैं, जो अपने पेशे की आड़ में संदिग्ध गतिविधियों को अंजाम दे रहे थे। श्रीनगर में बैठकर NIA की विशेष टीम इस नेटवर्क के मुख्य आरोपियों—डॉ. आदिल, डॉ. मुजम्मिल, डॉ. शाहीन और अन्य संदिग्धों से पूछताछ कर रही है।
सूत्रों का कहना है कि कुछ डॉक्टरों के विदेश संपर्क भी मिले हैं और इस बात की जांच की जा रही है कि कहीं इसका इस्तेमाल फंडिंग या आतंकी सहायता के लिए तो नहीं हो रहा था। जांच एजेंसी इस बात का भी पता लगा रही है कि दिल्ली ब्लास्ट की योजना किस स्तर से बनाई गई और नेटवर्क के किस हिस्से में कौन भूमिका निभा रहा था।
दिल्ली ब्लास्ट की जांच को गंभीरता से लेते हुए NIA के डीजी सदानंद दाते खुद इसकी निगरानी कर रहे हैं। दाते फिलहाल श्रीनगर में मौजूद हैं और पूरी केस डायरेक्शन वह खुद देख रहे हैं। इससे स्पष्ट है कि केंद्र सरकार और NIA इस मामले को गैर-जरूरी देरी के बिना जल्द से जल्द सुलझाने के लिए आक्रामक मोड में है।
फिलहाल NIA की छापेमारी जारी है और निकट भविष्य में और बड़े खुलासे संभव हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में कई गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं। दिल्ली ब्लास्ट के पीछे छिपी साजिश और इसके तार कहां तक फैले हैं, इसकी पूरी तस्वीर जल्द सामने आ सकती है।
