रिपोर्टर: मनीष पटेल | वाराणसी संविधान दिवस बड़े ही गरिमा और उत्साह के साथ मनाया गया। शहर के विभिन्न सरकारी संस्थानों, स्कूलों और प्रशासनिक कार्यालयों में कार्यक्रम आयोजित किए गए, लेकिन सबसे प्रमुख आयोजन पुलिस कमिश्नरेट वाराणसी में हुआ, जहां पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने मौजूद अधिकारियों, कर्मचारियों और नागरिकों को संविधान की शपथ दिलाई।

कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने कहा कि हर वर्ष 26 नवंबर को संविधान दिवस मनाया जाता है क्योंकि इसी दिन 1949 में संविधान सभा ने भारत के संविधान को अंतिम रूप दिया था। बाद में 26 जनवरी 1950 को यह पूरे देश में लागू हुआ और भारत एक गणराज्य और लोकतांत्रिक राष्ट्र बना।उन्होंने उपस्थित लोगों को संविधान में उल्लिखित मूल कर्तव्यों और मूल्यों की याद दिलाते हुए कहा कि हम सभी का दायित्व है कि देश के कानून, लोकतंत्र और न्याय व्यवस्था को मजबूती दें। उन्होंने कहा कि संविधान सिर्फ एक किताब नहीं, बल्कि देश की आत्मा और नागरिकों के अधिकारों का संरक्षक है।

कमिश्नर ने सभी अधिकारियों व नागरिकों से अपील की कि वे संविधान की भावना के अनुरूप कार्य करें और अपने कर्तव्यों का 100% पालन करें। उन्होंने कहा कि न्याय, समानता और स्वतंत्रता जैसे मूल सिद्धांतों को जीवन में उतारना ही सच्ची देशभक्ति है।कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी, कर्मचारी और आम नागरिक शामिल रहे। सभी ने एक स्वर में संकल्प लिया कि वे संविधान की रक्षा करेंगे, लोकतंत्र को मजबूत करेंगे और समाज में शांति, सद्भाव और न्याय की स्थापना के लिए कार्यरत रहेंगे।वाराणसी में संविधान दिवस के कार्यक्रमों ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि भारत का संविधान हर नागरिक के जीवन का मार्गदर्शक है, और इसके पालन से ही देश आगे बढ़ता है।
