कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल का 81 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने कानपुर स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। लंबे समय से बीमार चल रहे जायसवाल के निधन से कांग्रेस पार्टी और कानपुर की राजनीति में गहरा शोक छा गया है।

श्रीप्रकाश जायसवाल को कानपुर की राजनीति का करिश्माई चेहरा माना जाता था। उनका राजनीतिक सफर नगर निगम से शुरू होकर देश की संसद और फिर केंद्र सरकार तक पहुंचा। उन्होंने कानपुर के मेयर के रूप में अपनी पहचान मजबूत की और इसके बाद लगातार तीन बार कानपुर से सांसद चुने गए।
केंद्रीय राजनीति में उन्हें बड़ी जिम्मेदारी तब मिली जब वे मनमोहन सिंह सरकार में कोयला मंत्री बने। इस दौरान उन्होंने ऊर्जा और खनन क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण निर्णयों में भूमिका निभाई।
कानपुर में उनके विकास कार्यों, धरातल से जुड़े नेतृत्व और सरल स्वभाव के कारण वे सभी दलों के नेताओं में सम्मानित थे।
निधन की खबर सामने आते ही राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई। कांग्रेस नेताओं ने उनके घर पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की और परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। कई स्थानीय नागरिकों ने बताया कि जायसवाल हमेशा जनता के बीच रहकर समस्याओं को सुनते और समाधान करवाते थे।
शहर के राजनीतिक इतिहास में उनका नाम एक मजबूत व प्रभावशाली नेता के रूप में याद किया जाएगा। परिवार और पार्टी सूत्रों के अनुसार, उनका अंतिम संस्कार कानपुर में ही किया जाएगा।
