कल्याणपुर (कानपुर)। राज्य कर विभाग के सहायक आयुक्त और एक ठेकेदार पर ट्रांसपोर्टर से रिश्वत मांगने और अनुचित दबाव डालने का गंभीर आरोप लगा है। आरोप है कि अधिकारी ने कैलकुलेटर पर ₹1 लाख की रकम लिखकर रिश्वत मांगी। पीड़ित ट्रांसपोर्टर की शिकायत पर कल्याणपुर थाने में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

किदवई नगर निवासी वैभव सिंह राठौर, जो कानपुर-मिर्जापुर रोड लाइंस के प्रोप्राइटर हैं, ने बताया कि उनका ट्रक 29 अक्टूबर को मिर्जापुर जा रहा था। रास्ते में छिवली नदी के पास राज्य कर विभाग की दशम इकाई, कानपुर नगर के सहायक आयुक्त योगेन्द्र कुमार ने ट्रक को रोक लिया और कार्यालय में लाकर जांच की।जांच के दौरान अधिकारी ने प्रबंधक राजेश मिश्रा से कहा कि ट्रक में अवैध पॉलीथिन लदी है। इसके बाद ठेकेदार मन्नू को बुलाया गया, जिसने ₹1.5 लाख की मांग करते हुए कहा कि “पैसे देने पर ट्रक छोड़ दिया जाएगा।” जब ट्रांसपोर्टर ने मना किया, तो योगेंद्र कुमार ने कैलकुलेटर पर ₹1 लाख की रकम दिखाते हुए कहा कि “इतना देने पर मामला निपटा देंगे, वरना कार्रवाई होगी।”
वैभव सिंह का कहना है कि जानबूझकर ट्रक की पन्नी ढक दी गई, ताकि किसी को जानकारी न हो सके। 2 नवंबर को ठेकेदार मन्नू उनके कार्यालय पहुंचा और रिश्वत देकर मामला सुलझाने की बात कही। पूरा घटनाक्रम सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गया।उन्होंने आगे बताया कि प्रमुख सचिव राज्य कर एम. देवराज को शिकायत भेजने के तीन घंटे बाद ही मूव-7 दस्तावेज जारी कर दिया गया। इसके बाद उन्हें अज्ञात नंबरों से फोन कर मामला निपटाने की सलाह दी जाने लगी।कल्याणपुर इंस्पेक्टर अजय प्रकाश ने बताया कि ट्रांसपोर्टर की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। वहीं, मामले में सहायक आयुक्त योगेंद्र कुमार से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनका फोन बंद मिला।
यह वीडियो भी देखें
