संभल के मोहम्मदखां सराय क्षेत्र में रविवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब एकता चौकी के पास झाड़ियों और मिट्टी के बीच दबा एक प्राचीन बंद कुआं मिलने की जानकारी सामने आई। जैसे ही स्थानीय लोगों में यह खबर फैली, प्रशासन सक्रिय हो गया और जिलाधिकारी के निर्देश पर नगर पालिका ने तत्काल कुएं की खुदाई का काम शुरू कराया।

सिटी मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार और अधिशासी अधिकारी मणिभूषण तिवारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने कार्यदायी टीम को निर्देश दिए कि खुदाई तेज गति से की जाए, लेकिन कुएं की उम्र और सतह की कमजोर स्थिति को देखते हुए पूरी सावधानी बरती जाए।खुदाई के दौरान वर्षों पुराना एक विशाल पेड़ सबसे बड़ा अवरोध बना। टीम को पेड़ को बिना नुकसान पहुंचाए सुरक्षित तरीके से हटाने का आदेश दिया गया है। नगर पालिका की टीम कुएं को साफ करने और उसकी गहराई तक पहुंचने में जुटी है।
1978 के दंगे का पुराना आरोप फिर चर्चा में
स्थानीय लोगों के अनुसार यह कुआं कई दशक पहले बंद कर दिया गया था। इसी के साथ एक पुराना दावा भी फिर चर्चा में है बताया जाता है कि 1978 के दंगे के दौरान एक व्यापारी की हत्या कर उसके शव को इसी कुएं में फेंकने की बात कही गई थी। हालाँकि, उस समय कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई थी।कुएं की दोबारा खुदाई शुरू होने के बाद लोग एक बार फिर उसी घटना की याद ताजा कर रहे हैं। यह सवाल भी उठने लगा है कि क्या कुएं में कई दशकों पुराना कोई सच दफन है?
पुलिस बल तैनात, क्षेत्र सील
किसी भी तरह की अव्यवस्था से बचने के लिए प्रशासन ने क्षेत्र की घेराबंदी कर दी है। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। कुएं की पूरी खुदाई खत्म होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इसके अंदर क्या मौजूद है और क्या कोई पुराना राज सामने आएगा।
