आजमगढ़ में साड़ी से बच्चों को बांध पोखरी में कूदी मां, दो की मौत; तीसरी ने सुनायी आपबीती

आजमगढ़ के सरायमीर थाना क्षेत्र के करछा गांव में दिल दहलाने वाली घटना सामने आई है. यहां एक मां अपने तीन बच्चों को साड़ी से बांधकर पोखरी में कूद गई. घटना में दो मासूम बेटों की डूबने से मौत हो गई, जबकि आठ वर्षीय बेटी ने साहस और सूझबूझ का परिचय दिया और अपनी जान बचा ली. महिला को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
पुलिस इस मामले की जांच में जुटी हुई है. हालांकि, शुरुआती जांच में पारिवारिक कलह की आशंका जताई जा रही है. बताया जा रहा है कि जयप्रदा पत्नी बिंदलेश यादव अपने तीनों बच्चों को दवा दिलाने की बात कहकर घर से निकली थी. वह सरायमीर कस्बे में वी-मार्ट के पीछे स्थित एक पोखरी के पास पहुंचीं, जहां वह अपनी साड़ी से तीनों बच्चों को बांधा और फिर पोखरी में कूद गईं.

बेटी ने जैसे-तैसे बचाई अपनी जान: घटना के दौरान आठ वर्षीय बेटी मानवी ने हिम्मत नहीं हारी. उसने किसी तरह साड़ी का बंधन खोल लिया और पानी से बाहर निकल आई. इसके बाद वह करीब तीन किलोमीटर पैदल चलकर गांव पहुंची और परिजनों को पूरी घटना की जानकारी दी. बच्ची की बात सुनते ही परिवार के लोग और ग्रामीण घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े. ग्रामीणों ने तत्काल राहत कार्य शुरू किया, लेकिन तब तक दो वर्षीय राघव और तीन वर्षीय कृष्ण की डूबने से मौत हो चुकी थी.
घटना के पीछे पारिवारिक कलह की आशंका: ग्रामीणों ने महिला को भी पोखरी से बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज जारी है. महिला जयप्रदा मूल रूप से दीदारगंज थाना क्षेत्र के खरसन गांव की रहने वाली है. परिजनों का कहना है कि वह लगभग 15 दिन पहले अपने तीनों बच्चों के साथ लखनऊ गई थी, लेकिन रायबरेली से वापस लौट आई थी. शुरुआती जांच में घटना के पीछे पारिवारिक कलह की आशंका जताई जा रही है.
सभी संभावित कारणों की जांच में जुटी पुलिस: फिलहाल, दोनों बच्चों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. जबकि महिला का अस्पताल में उपचार चल रहा है. स्थानीय थाने की पुलिस अन्य सभी संभावित कारणों की भी गहनता से जांच कर रही है.
