सावन का पहला सोमवार आज: जानें जलाभिषेक का मुहूर्त, इच्‍छापूर्ति के लिए इन चीजों से करें अभिषेक

✍️NNS Desk
सावन का पहला सोमवार आज: जानें जलाभिषेक का मुहूर्त, इच्‍छापूर्ति के लिए इन चीजों से करें अभिषेक

सावन महीने का आज पहला सोमवार है और शिवभक्‍तों को इस दिन का बेसब्री से इंतजार रहता है. पहले सावन सोमवार व्रत पर उत्‍तरभाद्रपद नक्षत्र और सुकर्मा योग का संयोग बन रहा है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, सावन के सोमवार का व्रत रखने और भगवान भोलेनाथ की सच्चे मन से पूजा-अर्चना करने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है और जीवन के सभी दुख-कष्ट दूर हो जाते हैं. सावन के पहले सोमवार पर कई शुभ संयोग बन रहे हैं, जिससे इस दिन की गई पूजा का अक्षय पुण्य प्राप्त होगा.

जलाभिषेक का मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त (सुबह की पूजा)- सुबह 04 बजकर 11 मिनट से सुबह 05 बजकर 33 मिनट तक 

अभिजीत मुहूर्त (दोपहर की पूजा)- दोपहर 12 बजकर 19 मिनट से लेकर दोपहर 01 बजकर 10 मिनट तक

संध्या और रात्रि पूजा मुहूर्त- शाम 07 बजकर 13 मिनट से रात 08 बजकर 20 मिनट तक 

राहुकाल (पूजा से बचें)- सुबह 07 बजकर 53 मिनट से सुबह 09 बजकर 30 मिनट तक.

विभिन्न इच्‍छापूर्ति के लिए इन चीजों से करें अभिषेक

गंगाजल – शिवपुराण के अनुसार, शिवलिंग पर गंगाजल चढ़ाने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं और मोक्ष मिलता है.
सामान्‍य जल – शिवलिंग पर सामान्‍य जल से अभिषेक करने से मानसिक शांति मिलती है, शुद्धता बढ़ती है.
कच्चा दूध – लंबी आयु, अच्छी सेहत, और रोगों से मुक्ति के लिए शिवलिंग का कच्‍चे दूध से अभिषेक करना चाहिए.
दूध में शक्कर मिलाकर अभिषेक- पारिवारिक सुख और मानसिक शांति पाने के लिए शिवलिंग पर दूध में शक्‍कर मिलाकर अभिषेक करने से लाभ होता है.
घी – शिवलिंग पर घी अर्पित करने से वंश बढ़ता है. उत्तम संतान की प्राप्ति होती है. साथ ही शारीरिक बल और ऊर्जा बढ़ती है.
शहद – शिव पुराण के अनुसार शिवलिंग पर शहद चढ़ाने से रोगों से मुक्ति मिलती है और मनवांछित फल मिलते हैं. इसके लिए कर्ज से मुक्ति और वैवाहिक सुख पाने के लिए भी शहद से अभिषेक करना लाभदायी माना गया है. शहद से अभिषेक करना शिक्षा में सफलता, ऊंचा पद और सम्‍मान दिलाता है. इससे कुंडली में शुक्र ग्रह भी मजबूत होता है, जिससे व्‍यक्ति को धन-समृद्धि, प्रेम मिलता है.
गन्‍ने का रस – शिवलिंग पर गन्ने का रस चढ़ाने से धन-धान्य और संपत्ति मिलती है. वैवाहिक सुख मिलता है. शोहरत मिलती है.
केसर या हल्दी मिश्रित दूध – जल या दूध में थोड़ा केसर या हल्दी मिलाकर अभिषेक करने से विवाह में आ रही बाधाएं दूर होती हैं. इसके साथ ही माता पार्वती को सुहाग की सामग्री (सिंदूर, कुमकुम, चूड़ी) भी अर्पित करें.
पंचामृत – सावन के महीने में पंचामृत से शिवलिंग का अभिषेक करना अत्‍यंत शुभ फलदायी माना गया है. ऐसा करने से सारे मनोकामनाएं पूरी होने की मान्‍यता है.
बेलपत्र – भगवान शिव को बेलपत्र चढ़ाने से हर तरह की मनोकामना पूरी होने की मान्‍यता है क्‍योंकि बेलपत्र शिवजी को बेहद प्रिय है. इसके अलावा धर्म-शास्‍त्रों के अनुसार, बेलपत्र के तीन दल ब्रह्मा, विष्णु और महेश का प्रतीक हैं. इसे चढ़ाने से तीनों जन्मों के पाप नष्ट होते हैं.

 पूजा विधि: इस दिन सूर्योदय से पूर्व उठकर स्नान करें और साफ वस्त्र धारण करें. घर के मंदिर में दीप प्रज्वलित कर व्रत व पूजा का संकल्प लें. फिर, शिवलिंग पर गंगाजल, दूध, दही, शहद, शक्कर और पंचामृत अर्पित करें. महादेव को प्रिय बेलपत्र, भांग, धतूरा, शमी के पत्ते, सफेद फूल और भस्म चढ़ाएं. पूजा के दौरान ऊं नमः शिवाय’ या महामृत्युंजय मंत्र का निरंतर जप करते रहें अंत में शिव चालीसा का पाठ करें, आरती उतारें और फल या मिष्ठान का भोग लगाएं.

सावन सोमवार पर करें ये उपाय

आर्थिक तंगी और कर्ज से मुक्ति के लिए: शिवलिंग पर 21 बेलपत्रों पर चंदन से ऊं नमः शिवाय’ लिखकर चढ़ाएं. साथ ही 5 शमी के पत्ते अर्पित करें. आर्थिक तंगी दूर करने और धन वृद्धि के लिए सावन सोमवार को शिवलिंग पर गन्ने के रस से अभिषेक करें.

नौकरी और करियर में तरक्की के लिए: जल में थोड़ा सा कच्चा दूध और काले तिल मिलाकर शिवलिंग पर अर्पित करें. शिवलिंग पर बिना टूटे हुए 21 चावल के दाने अर्पित करें. इससे कार्यक्षेत्र में आ रही बाधाएं दूर होती हैं.

विवाह में देरी और मनोवांछित जीवनसाथी के लिए: अविवाहित कन्याएं या पुरुष जल में थोड़ा सा केसर और कच्चा दूध मिलाकर शिव जी का अभिषेक करें. शिवलिंग पर जल चढ़ाने के बाद माता पार्वती को सिंदूर और सुहाग की सामग्री अर्पित करें.

स्वास्थ्य लाभ और बीमारियों से राहत के लिए: तांबे के लोटे में जल भरकर उसमें थोड़ा सा गंगाजल मिलाएं और ऊं त्र्यम्बकं यजामहे… महामृत्युंजय मंत्र का 108 बार जाप करते हुए जल अर्पित करें. शिवलिंग पर शहद और इत्र लगाकर जल चढ़ाने से पुरानी बीमारियों से राहत मिलती है.

आज के शुभ काल

ब्रह्म मुहूर्त – सुबह 04:26 बजे से 05:14 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त – दोपहर 12:07 बजे से 12:59 बजे तक
अमृत काल – शाम 05:07 बजे से 06:44 बजे तक

आज के अशुभ काल

राहुकाल – सुबह 07:40 बजे से 09:17 बजे तक
यम गण्ड – सुबह 10:55 बजे से दोपहर 12:33 बजे तक
कुलिक – दोपहर 02:10 बजे से 03:48 बजे तक
दुर्मुहूर्त – दोपहर 12:59 बजे से 01:51 बजे तक, दोपहर 03:35 बजे से शाम 04:27 बजे तक
वर्ज्यम् – सुबह 07:22 बजे से 09:00 बजे तक

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